सफ़र आसान तो होगा मगर जाना नहीं अच्छा – ग़ज़ल – ओबैद आज़म आज़मी

ग़ज़ल
– ओबैद आज़म आज़मी

सफ़र आसान तो होगा मगर जाना नहीं अच्छा
हवा ले जाये जिस जानिब उधर जाना नहीं अच्छा

बहुत सी मंज़िलें भी रास्ता चलने नहीं देतीं
बहुत से ख़्वाब का आँखों में भर जाना नहीं अच्छा

ज़माना एक वो भी था कहा करता था दिल हम से
जिधर ख़तरा न हो कोई उधर जाना नहीं अच्छा

ज़रा सी बात पर आज़ुरदा हो जाना नहीं बेहतर
ज़रा सा थक के रस्ते में ठहर जाना नहीं अच्छा

किसे रुख़्सत नहीं होना, क़ज़ा किस को नहीं लेकिन
बहार आते ही ख़्वाबों का बिखर जाना नहीं अच्छा

ओबैद आज़म ‘ हमें हर गाम , दिल बतलाये जाता है
किधर जाना है अच्छा और किधर जाना नहीं अच्छा

ओबैद आज़म आज़मी

 

نہیں اچھا

سفرآسان تو ہوگا مگر جانا نہیں اچھا

ہوا لے جائے جس جانب اُدھر جانا نہیں اچھا

بہت سی منزلیں بھی راستہ چلنے نہیں دیتیں

بہت سے خواب کا آنکھوں میں بھر  جانا نہیں اچھا

  عبیدؔ اعظم اعظمی

Date :  25-11-2017
 Published in Daily Urdu News Paper
‘Hum Aap Daily’ Mumbai-400011. India
Urdu Poetry – Urdu Qata – Urdu Ashar – Urdu Sher – Urdu Rubai
by Obaid Azam Azmi
روزنامہ ہم آپ ممبئی انڈیا قطعہ رباعی شعر اشعار نظم عبید اعظم اعظمی
humaap.azmi.in

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *